Keywords : भीष्म साहनी, नाटक, समाजशास्त्रीय अध्ययन, यथार्थवाद, साम्प्रदायिकता, वर्ग संघर्ष
Abstract : भीष्म साहनी हिंदी साहित्य के ऐसे यथार्थवादी रचनाकार हैं जिन्होंने अपने नाटकों के माध्यम से भारतीय समाज की जटिल सामाजिक संरचना, वर्ग-संघर्ष, साम्प्रदायिकता, सत्ता-राजनीति और मानव मूल्यों के विघटन को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। यह शोध-पत्र भीष्म साहनी के प्रमुख नाटकों का समाजशास्त्रीय दृष्टि से अध्ययन करता है तथा यह स्पष्ट करता है कि उनके नाटक समाज की विसंगतियों के आलोचनात्मक दस्तावेज हैं।
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